Friday, February 27, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. पाकिस्तान में आखिर क्यों फैली है इतनी जहालत? आंकड़े दे रहे हैं इस सवाल का करारा जवाब

पाकिस्तान में आखिर क्यों फैली है इतनी जहालत? आंकड़े दे रहे हैं इस सवाल का करारा जवाब

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX Published : Feb 27, 2026 05:37 pm IST, Updated : Feb 27, 2026 05:37 pm IST

पाकिस्तान में शिक्षा का स्तर इस कदर गिरा हुआ है कि वहां 2.62 करोड़ बच्चे स्कूल से बाहर हैं, जिनमें 1.34 करोड़ लड़कियां शामिल हैं। पाकिस्तान सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, देश का शिक्षा बजट 13% से घटकर 11% रह गया है और इसका भी 94 फीसदी पैसा वेतन में खर्च होता है।

Pakistan education crisis, Pakistan out of school children- India TV Hindi
Image Source : AP REPRESENTATIONAL पाकिस्तान में करोड़ों बच्चे स्कूली शिक्षा से वंचित हैं।

Pakistan Education Crisis: पाकिस्तान में शिक्षा का स्तर क्या है इसके बारे में बताने की जरूरत नहीं। मुल्क के तमाम यूट्यूब चैनलों पर विभिन्न सवालों पर पाकिस्तानियों के जवाब उनकी जहालत बारे में बता ही देते हैं। पाकिस्तान में सेना और हथियारों पर तो जमकर खर्च किया जाता है, लेकिन जब बात शिक्षा की आती है तो मुल्क की सरकार जेब ही ढीली नहीं करती। एक नई सरकारी रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुल करीब 2 करोड़ 62 लाख बच्चे अभी भी स्कूल नहीं जा रहे हैं, और इसमें से करीब 1 करोड़ 34 लाख लड़कियां हैं। यह आंकड़ा पाकिस्तान के शिक्षा मंत्रालय की 'Girls' Education Statistics and Trends Report 2023-24' से सामने आया है।

बजट का हिस्सा घटकर 13 फीसदी से घटकर 11 फीसदी हुआ

पाकिस्तान में एजुकेशन की हालत को बयां करती इस रिपोर्ट को मुल्क के शिक्षा मंत्री खालिद मकबूल सिद्दीकी ने लॉन्च किया। रिपोर्ट में बताया गया है कि तमाम कोशिशों के बावजूद यह समस्या बनी हुई है। बता दें कि पाकिस्तान में शिक्षा पर राष्ट्रीय बजट का हिस्सा घटकर 13 प्रतिशत से 11 प्रतिशत रह गया है। ज्यादातर प्रांतों में शिक्षा का बजट कम हुआ है, खासकर पंजाब और सिंध में, जबकि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में यह स्थिर रहा है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान में शिक्षा के लिए जो बजट मिलता है उसका ज्यादातर यानी कि करीब 94 फीसदी हिस्सा सिर्फ तनख्वाह में ही खर्च हो जाता है।

पाकिस्तानियों के लिए कुछ राहत भरी खबर भी सामने आई

तनख्वाह पर 90 फीसदी से ज्यादा रकम खर्च होने के बाद नए प्रोजेक्ट्स के लिए लगभग कुछ नहीं बचता। हालांकि इस बीच पाकिस्तानियों के लिए कुछ राहत भरी खबर भी सामने आई है। इस मुल्क में लड़कियों की प्राइमरी स्कूल पूरी करने की दर 75 प्रतिशत से बढ़कर 89 प्रतिशत हो गई है जो कि एक बड़ा सुधार है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुल्क के 96 प्रतिशत स्कूल पक्की इमारतों में हैं, 92 प्रतिशत में काम करने वाले शौचालय हैं, और 82 प्रतिशत में साफ पीने का पानी उपलब्ध है। पाकिस्तान में कुपोषण बच्चों के विकास में बाधा बना हुआ है क्योंकि एक तो मुल्क में महंगाई बहुत है और दूसरा खाने-पीने के सामानों में जमकर मिलावट होती है।

महिलाओं की लेबर फोर्स में भागीदारी सिर्फ 24 प्रतिशत

उच्च शिक्षा की बात करें तो मुल्क की यूनिवर्सिटियों में लड़के-लड़कियों की नामांकन संख्या लगभग बराबर है, लेकिन महिलाओं की लेबर फोर्स में भागीदारी सिर्फ 24 प्रतिशत है। शिक्षा मंत्री सिद्दीकी ने इसे 'ह्यूमन रिसोर्स की बर्बादी' बताया और कहा कि क्लासरूम से प्रोफेशनल दुनिया में जाने में कई मुश्किलें हैं। उन्होंने कहा कि देश के पास 14 करोड़ युवा हैं और सरकार को फैसला करना होगा कि उन्हें बोझ माने या रणनीतिक संपत्ति। मंत्री ने जोर दिया कि 'सटीक डेटा ही भविष्य की नीतियों की नींव होना चाहिए।' राज्य मंत्री वजीहा कमर ने बताया कि इन कमियों को दूर करने के लिए नया एक्शन प्लान बनाया जा रहा है।

Latest World News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश

Advertisement
Advertisement
Advertisement